कन्हैया कुमार पर नहीं चलेगा राजद्रोह का केस

नई दिल्ली। जेएनयू नारेबाजी मामले में कन्हैया समेत 10 छात्रों पर राजद्रोह का मुकदमा चलाने को लेकर दिल्ली पुलिस के आरोप पत्र पर सरकार तैयार नहीं है।

आधिकारिक सूत्रों की मानें तो सरकार ने राजद्रोह के मुकदमे के अलावा बाकी आरोपों में मुकदमा चलाने को तैयार है जिस पर दिल्ली पुलिस को सरकार से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं है।

सूत्र सरकार के इस रुख की पुष्टि भी कर रहे हैं। सरकार की ओर से यह खबरें तब निकलकर आई जबकि 18 सितंबर को अदालत में इस मामले की सुनवाई है। पुलिस को आरोप पत्र पर अपना रुख स्पष्ट करना है।

राजद्रोह का केस चलाने के लिए पुलिस को राज्य सरकार से मंजूरी लेना अनिवार्य होता है। पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल करने के बाद सरकार के पास मंजूरी के लिए फाइल भेजी थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने राजद्रोह केस के इस मामले में इसी सप्ताह एक बैठक की है। बैठक के बाद इस फाइल की नोटिंग में जो लिखा है उसके मुताबिक यह मामला राज्य के खिलाफ राजद्रोह और राष्ट्र की संप्रभुता पर हमले के लिए उकसाने जैसा नहीं लगता है।

तत्काल इस मामले में आरोपी 10 छात्रों के खिलाफ आईपीसी की धारा 124ए के तहत मुकदमा चलाने के लिए कोई मामला नहीं बनता है। हालांकि सरकार ने बैठक के बाद राजद्रोह के मामले 124ए को छोड़कर बाकी अन्य केस में मुकदमा चलाने पर कोई आपत्ति नहीं है।

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