साहब! आतंकियों को भी अपने घरवालों से मिलने का कानून है तो हमें क्यों रोका जा रहा है...

लखनऊ।  साहब आतंकियों को भी जेल में अपने घरवालों से मिलने का कानून है तो हमें क्यों नहीं मिलने दिया जा रहा है। हजारों किलोमीटर दूर से आकर हम अपने शौहर से मिलने के लिये बेटी के साथ पांच दिनों से जेल के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन हमारी कोई नहीं सुन रहा है।

रहम कर दो हम पर, मुलाकात नहीं तो दूर से ही एक झलक दिखा दो। गुरूवार शाम करीब चार बजे जेल गेट पर बिलखते हुए एक कश्मीरी महिला ने जेलर से मिलकर अपने पति से मुलाकात के लिए गुहार लगाई।

महिला ने जेलर से उसके बच्चों का वास्ता देकर बेटी की ही मुलाकात कराने का आग्रह किया। हालांकि, जेल प्रशासन ने किसी भी कश्मीरी से मुलाकात नहीं कराई। जेल प्रशासन ने बताया कि शासन से अनुमति मिलने के बाद ही मुलाकात होगी।

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