कंटेंट प्रोडक्शन और सोशल वर्क के लिए निकिता रावल ने जीता मिड डे का शो बिज़ आइकन अवार्ड 2019

कंटेंट प्रोडक्शन और सोशल वर्क के लिए निकिता रावल ने जीता मिड डे का शो बिज़ आइकन अवार्ड 2019
 
मिड-डे का सबसे शानदार शो बिज़ आइकॉन अवार्ड 2019 हाल ही में मुंबई के ग्रैंड हयात में आयोजित किया गया था।
 


इस अवॉर्ड शो में बिजनेसमैन, मीडिया और बॉलीवुड के कई सितारे जैसे नील नितिन मुकेश, उर्वशी रौतेला, शमा सिकंदर, निकिता रावल, जसविंदर नेरुला, जयंती लाल गडा, डायरेक्टर अनिल शर्मा, उत्कर्ष शर्मा, मिलन गुन्नजी और करिश्मा कपूर ने शामिल होकर इस अवॉर्ड शो में चार चांद लगा दिये ।
 
एक्टर, प्रोड्यूसर और सामाजिक कार्यकर्ता, निकिता रावल ने एक्टिंग में अपने काम और प्रयासों के लिए "मिड डे का शो बिज़ आइकन अवार्ड 2019" अपने नाम किया है। 
 
निकिता रावल की पर्सनालिटी कांफिडेंस और टैलेंट से भरी हुई है। उन्होंने अबतक 1478 लाइव शो किए हैं।
 


इस इवेंट और अपनी जीत के बारे में बात करते हुए, निकिता ने कहा, "यह मेरे लिए बहुत ही सम्मान की बात है और मुझे बहुत खुशी महसूस हो रही है कि मेरे हार्ड वर्क को पहचाना जा रहा है। एक्टिंग हमेशा से ही मेरा पहला प्यार रहा है क्योंकि इसमें मुझे एक सुकून महसूस होता है। और मुझे प्राउड होता है कि मैं इंडस्ट्री में अपना एक नाम बनाने में कामयाब रही। मैं मिड-डे की भी आभारी हूं, कि उन्होंने मुझे इस अवॉर्ड से सम्मानित किया है। मैं इस तरह के काम को हमेशा करने की कोशिश करूगीं और अपने ऑडियंस का दिल जीतने की कोशिश करती रहूंगी। यह अवॉर्ड मेरे और हमारे देश के सभी यंग टैलेंट के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है।”


 
इसके अलावा निकिता क्लासिकल, कथक, वेस्टर्न, बैलेट, कुचिपुड़ी जैसे डांस फ्रॉम में भी माहिर है। उन्होंने नेशनल टेलीविजन पर कथक करके इंडिया को रीप्रजेंट भी किया है। इसके लिए भी निकिता को कई अवॉर्ड्स से नवाज़ा गया है। 


 
निकिता ने वीनस म्यूजिक कंपनी के लिए म्यूजिक वीडियो भी किया है। और उन्होंने गरम मसाला, मिस्टर ब्लैक एंड व्हाइट, हैप्पी बर्थडे, अम्मा की बोली, क्यूट कमीना जैसी फिल्मों में एक्टिंग भी की है।


 
एक्टिंग के अलावा, निकिता सोशियल और पॉलिटिकल एक्टिविटीज में भी शामिल है। वह आस्था फाउंडेशन नाम के एनजीओ की संस्थापक हैं। ये ऑर्गेनाइजेशन उन लोगों की मदद करता है जिन्हें किसी चीज की जरूरत होती है, चाहे वह एच.आई.वी. पेशेन्ट या उनकी अवेरनेस को लेकर हो, या फिर वुमेन हेल्थ ( सेनिटरी नैपकिन देना या बेसिक हाइजीन प्रोवाइड कराना ), बच्चों की एजुकेशन, इनवायर्मेंट,  ग्रीनरी आदि।

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