सबसे ज्यादा पॉल्यूटेड शहर हमारे देश मे है। - जूही चावला


मिस इंडिया १९८४ और एक कामयाब अदाकारा जूही चावला कहती है की सबसे जायदा प्रदूषित शहर भारत मे है। 


बॉलीवुड में अपना लोहा मनवाने के बाद जूही ने अपने आप को एक कामयाब एंटरप्रेन्योर भी साबित किया है। पिछले कुछ सालो से जूही इंसान से जुड़े बेसिक प्रोब्लेम्स और इश्यूज को ले कर काफी वोकल रही है। वो मोबाइल टावर को लेकर हो, बच्चों के सही विकास की बात हो या फिर पर्यावण के अलग अलग मुद्दे, जूही ने हमेश हर गलत कदम पर अपनी बात और अपनी आवाज़ रखी है। 



हाल ही में जूही  #IGiftEyeSight  इनिशिएटिव को सपोर्ट करने  92.7  बिग एफ एम स्टूडियो पहुंची।मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने पर्यावरण को ले कर अपनी चिंता व्यक्त की जूही कहती है, "सबसे ज्यादा पॉल्यूटेड शहर हमारे देश मे है और ये बहोत ही शर्म की बात है। हम बिल्डिंगस बनाते जा रहे है, पेड़ों को काटते जा रहे है, और इसे हम डेवलॅपमेंट का नाम दे रहे है। ये अक्लमंदी की नहीं स्टूपिडीटी की बात है। पर हम ये कब समझेंगे?  जब हमारे बच्चे सांस नहीं ले पाएंगे? जब वो पानी नहीं पी पाएंगे? जब वो खाना नहीं खा पाएंगे ? क्या तब  हम समझेंगे?


इस समस्या को ठीक करने के लिए कोई मशीन या राकेट साइंस कि जरुरत नहीं है। अगर आपके पास कोई टेक्निकल आईडिया है, तो आप वो भी लगा लीजिये। पर इसका बहोत ही सिंपल सोल्युशन है।जहाँ हो सके वहां पेड़ लगाएं।और सिर्फ लगाएं नहीं, उनका थोड़ा ध्यान भी रखे। ३-४ सालों के बाद पेड़ अपना ध्यान खुद रख लेंगे।और ज़िन्दगी भर आपको फ्रेश ऑक्सीज़न, फल, फूल, दवा,और  छांव देंगे"



जूही, जो खुद एक माँ है, मानती है की हम अपने बच्चो को पैसा, घर, बैंक बैलेंस, तो दे सकते है पर शुद्ध पर्यावरण  का क्या?  "आप अपने बच्चो को घर, गाड़ी, बैंक बैलेंस देंगे, पर जब कल को हवा और पानी ही जीने लायक नहीं रहेंगे, तब वो हम से नाराज़ हो जायेंगे क्योकि हमने उनके खाने पीने कि चीज़ो को प्रदूषित कर चुके होंगे। इससे पहले हम वापस ना लौट सके, प्लीज वेक अप।


जूही इन दिनों 'कावेरी कॉलिंग'  इनिशिएटिव से भी जुडी हुई है। 'कावेरी कॉलिंग' ईशा फाउंडेशन द्वारा अपने संस्थापक 'जग्गी वासुदेव' (सद्गुरु) के संरक्षण में शुरू की गई एक परियोजना है, जिसमें एग्रोफोरेस्ट्री के माध्यम से अनुमानित 2.4 बिलियन पेड़ लगाने है। इसका उद्देश्य कावेरी बेसिन के एक तिहाई हिस्से के नदी को संरक्षित करना है।
 



Source : News Helpline

Related News

Leave a Comment