लिमिटेशन्स हमारे दिमाग मे होती है। - तमन्ना भाटिया

बॉलीवुड एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने एक इवेंट के दौरान कहा कि वे मानती है लिमिटेशन्स हमारे दिमाग मे होती है।



तमन्ना भाटिया एक दक्षिण भारतीय मॉडल/अभिनेत्री हैं जिन्होंने हिंदी में अपनी पहली फिल्म 'चांद सा रोशन चेहरा' के जरिए अपनी हिंदी फिल्मी करियर की शुरुआत की। तमन्ना तमिल संस्करण में 'महालक्ष्मी' फिल्म भी कर चुकी है, जो बॉलीवुड की फिल्म 'क्वीन' की रीमेक है।



बाल दिवस के दिन तमन्ना भाटिया  स्पेशली चैलेंज बच्चो के साथ ये दिन मानाने  एक एन.जी.ओ. मे आयी थी। जहाँ उन्होंने मीडिया से बात चित के दौरान कहा, '' हम सब जब इंसान के रूप मे जन्मे है तो शक्ति हम सब मे है। हमे लोग कितनी बार कहते है कि हम ये नहीं कर सकते, हम वो नहीं कर सकते। ये सब हमारे दिमाग मे डाल दिया जाता है।पर यहाँ जो स्पेशली चैलेंज बच्चे है, हम इनसे सिख सकते है, ये बच्चे स्पेशल होने के बाउजूद फिजिकली हमसे और आपसे बहोत ज्यादा स्ट्रांग है, और इनकी परवरिश बिलकुल आम बच्चो के जैसे होती है। यहाँ हर बच्चे के अंदर एक उत्साह है।ये बच्चे हमें प्रेरित करते है की लिमिटेशन्स बस हमारे दिमाग मे होती है''।



इस साल ही रिलीज़ हुई फिल्म 'ख़ामोशी' मे तमन्ना ने खुद भी बहरी और मूक लड़की की भूमिका निभाई है। जो काफी सराही गयी थी।
बेहरहाल आपको बता दे तम्मना भाटिया व्यस्त है अपनी आने वाली फिल्म 'चोर निकल के भागा' के लिए जो २०२० अक्टूबर ७ को रिलीज़ होगी।
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Source : News Helpline

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