​स्कूल सर्विस नहीं बल्कि एजुकेशन प्रोवाइडर होती है। - अमोल गुप्ते

 
फिल्म मेकर अमोल गुप्ते का कहना है कि स्कूल सर्विस नहीं बल्कि एजुकेशन प्रोवाइडर होती है।
 
अमोल गुप्ते एक भारतीय पटकथा लेखक, अभिनेता और निर्देशक हैं, जिन्हें विशेष रूप से 2007 की बॉलीवुड फिल्म 'तारे ज़मीन पर' (लाइक स्टार्स ऑन अर्थ) रचनात्मक निर्देशक और पटकथा लेखक के रूप में उनके काम के लिए जाना जाता है। वह 2012 से 2015 तक बाल फिल्म सोसाइटी, भारत के अध्यक्ष थे। अमोल हमेशा से ही बच्चो पर आधारित फिल्मे बनाते आये है।
 
17  जनवरी 2020  को अमोल नज़र आये नर्सरी स्कूल के एक इवेंट पर जहाँ उन्होंने कुछ ख़ास बातें मीडिया से रूबरू होते हुए कहीं, '' स्कूल के सर्विस से ज्यादा स्कूल कि एजुकेशन पर मैँ बात करूँगा, क्योकि स्कूल सर्विस नहीं एजुकेशन प्रोवाइडर होते है। स्कूल बच्चो मैं आत्मविस्वास बढ़ाता है, स्कूल बच्चों के लिए लीडर शिप को नेचुरल बनता है''।
 
बेहरहाल अगर अमोल कि एक्टिंग करियर कि बात करें तो साल 2020 मैं वे संजय गुप्ता कि फिल्म 'मुंबई सागा' में नज़र आएंगे।
गौरतलब है कि 'मुंबई सागा' एक पीरियड गैंगस्टर फिल्म है। 1980 और 1990 के दौर पर बनी इस फिल्म में कई सीन्स सच्ची घटनाओं पर आधारित होंगे। इस मल्टीस्टारर फिल्म में जॉन अब्राहम, इमरान हाशमी, सुनील शेट्टी, प्रतीक बब्बर, जैकी श्रॉफ, महेश मांजरेकर और काजल अग्रवाल जैसे सितारे भी नजर आएंगे।



Source : News Helpline

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