दो महीने तक मैं अपने कैंसर के सिमटम्स को इग्नोर करती रही- ताहिरा कश्यप

डायरेक्टर और मोटिवेशनल स्पीकर ताहिरा कश्यप ने 23 जनवरी को अपना बर्थडे सेलिब्रेट किया। ताहिरा कश्यप कल मुंबई के टाटा मेमोरियल सेंटर हॉस्पिटल में कैंसर से पीड़ित लोगों के साथ अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही थी। 
 
साल 2018 में, ताहिरा ब्रेस्ट कैंसर से डायग्नोस हुई थीं।उन्होंने अपनी इस बीमारी से जमकर लड़ाई की और जीत हासिल की, और अब वो पूरी तरह से ठीक है। 
ताहिरा वहां कैंसर से पीड़ित लोगों को मोटिवेट करने आयीं और साथ ही उन्हें खुश रहने की सलाह भी दी। 
 
ताहिरा ने कहा, "मैं यहां इसलिये हूं क्योंकि मैं भी इस स्टेज से गुजर चुकी हूँ, और मुझे लगता है कि जो इससे गुजर रहे हैं या गुजर चुके हैं और या फिर स्ट्रगल कर रहे हैं, मैं उन्हें महसूस कर सकती हूं। मुझे स्टेज 1-ए का ब्रेस्ट कैंसर हुआ था, और वो पकड़ में इसलिए आया क्योंकि अर्ली केस था, लेकिन फिर भी मैने इतना ध्यान नही दिया। दो महीने तक मैं अपने सिमटम्स को इग्नोर करती रही, और जूझती रही।"
 
"मैनें ये नहीं सोचा था कि कभी कुछ गलत हो सकता है। अक्सर औरतें ऐसा करती है, जब उन्हें कुछ सिमटम्स नजर आते है तो वो सोचती है चलो छोडो़ आज नही जाती हूं, कल जाऊंगी, ऐसा करते-करते कैंसर एक ऐसा स्टेज पर पहुँच जाता है, जिससेे बहुत प्रॉब्लम होती है। जिससे इसका ट्रीटमेंट करना बहुत मुश्किल हो जाता है। और अगर इसकी जानकारी पहले हो जाती है तो इसका ट्रीटमेंट उपलब्ध है।"
 
"इसके बाद 2 महीने तक मैंने पढ़ाई की, और अपने सिमटम्स पर ध्यान नही दिया, और डॉक्टर को दिखाने नहीं गई। और जब मैं डॉक्टर के पास गई, उसी वक्त तुरंत पूरे महीने के टेस्ट चलते रहे, मैं भी इस हॉस्पिटल में ट्रीटमेंट के लिए आती थी, और आज जब फिर मैं यहाँ आयीं हूं तो मेरी सारी यादें फिर से ताजा हो गई। यहाँ मेरे काफी ट्रीटमेंट और काफी इक्जामिनेशन हुए, और फिर पता चला कि बहुत ही एक्सटेंसिव है।"
 
ताहिरा ने आगे कहा, "इस समय की सबसे महत्वपूर्ण चीज ये है कि आपका खुश रहना बहुत जरूरी है। मैं ये सिर्फ कहने के लिए नही बोल रही हूं, क्योंकि आस पास काफी लोग बोलते है कि खुश रहो अपने अंदर निगेटिविटी मत रखो और आपको लगता होगा कि इनको क्या पता हमारे साथ क्या हो रहा है।"



Source : News Helpline

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