जम्मू- कश्मीर ने अपने नागरिकों की आर्थिक सहायता के लिए योजना बनाई ।

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आज बुधवार को उन परिवारों को वित्तीय सहायता के लिए एक विशेष योजना शुरू की, इसका लाभ उन्हें मिलेगा जिनका काम काज कोरोना संक्रमण की वजह से हुए लॉकडाउन के दौरान बंद हो गया। जम्मू-कश्मीर सरकार ने समाज कल्याण विभाग में एक विशेष प्रकोष्ठ बनाकर समय के साथ इन परिवारों को समर्थन देने और किसी को पीछे नहीं छोड़ने की भावना से एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाया है। 'सक्षम' या 'कोविड मृत्यु दर के लिए विशेष सहायता योजना (SASCM)' नामक योजना के तहत, पति या पत्नी और परिवार के सबसे बड़े सदस्य को प्रति माह 1000 रुपये की नकद सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, योजना में स्कूल जाने वाले छात्रों के लिए 20,000 रुपये प्रति वर्ष और कॉलेज जाने वाले छात्रों के लिए 40,000 रुपये प्रति वर्ष की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। एक संकटग्रस्त परिवार दो बच्चों की छात्रवृत्ति के लिए पात्र होगा जिन्हें कोई अन्य छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है। सहायता ऊपर तक सीमित नहीं है। समाज कल्याण विभाग में विशेष प्रकोष्ठ सरकार की अन्य मौजूदा योजनाओं के तहत और सहायता का पता लगाएगा जिसके लिए परिवार पात्र हो सकता है। समर्थन का एक महत्वपूर्ण तत्व किसी भी जीवित सदस्य क़ो स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता होगी जो अपनी आजीविका के लिए कोई व्यवसाय शुरू करना चाहता है। आज घोषित की गई योजना उन परिवारों के लिए विशेष सहायता साबित होंगी जिन्होंने कोरोना संक्रमण की वजह से घर के बड़े सदस्य को खोया है। 

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने योजना की घोषणा के दौरान कहा की, “हमने बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों का समर्थन करने के लिए त्वरित और निर्णायक कार्रवाई की है। हमारा निर्णय व्यक्तिगत सुरक्षा और उन परिवारों की भेद्यता को कम करने के बारे में है, जिन्होंने लंबी अवधि की सहायता प्रदान करके अपनी रोटी कमाने वाले को खो दिया है। सरकार का उद्देश्य उनके दैनिक जीवन की देखभाल करना और वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है, कमजोर परिवारों को समर्थन देने की हमारी प्रतिबद्धता दीर्घकालिक है। इसलिए हम प्रभावित परिवारों के कल्याण को ट्रैक करने के लिए एक विशेष सेल बना रहे हैं। पेंशन और छात्रवृत्ति हमारी सहायता का ही एक हिस्सा है। अन्य भाग मौजूदा योजनाओं और स्वरोजगार के लिए सहायता के माध्यम से हर संभव सहायता प्रदान करना होगा। यह एक व्यापक दृष्टिकोण है, जिसका उद्देश्य इन परिवारों को सशक्त बनाने के लिए समग्र समर्थन देना है।”

बता दें जम्मू कश्मीर के  उपराज्यपाल ने 11 मई को एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान यह निर्णय लिया था । बुधवार को उपराज्यपाल ने इस योजना की घोषणा की मिलीं जानकारी के अनुसार सहायता अगले महीने शुरू होगी। योजना का शुभारंभ 'सबका साथ सबका विकास' के अनुरूप समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार की प्रतिबद्धता का संकेत है।



Source : NewsOnFloor

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