कोर्ट ने रद्द की दो साल पुरानी पकड़ुआ शादी, जानिए क्या होता है इस शादी में...

बिहार में पकड़ुआ विवाह की कुप्रथा अभी भी कई जगह देखने को मिल जाती है। ऐसे ही एक बहुचर्चित पकड़ुआ विवाह को पटना की फैमिली कोर्ट ने अवैध करार दिया है। बोकारो के स्टील प्लांट में अधिकारी विनोद कुमार का 2017 में पकड़ुआ विवाह किया गया था। फैमिली कोर्ट के फैसले से विनोद बेहद खुश हैं।

विनोद के मुताबिक घटना दिसंबर 2017 की है। वह अपने दोस्त की शादी में भाग लेने के लिए पटना गए थे। एक परिचित - सुरेंद्र यादव - ने उन्हें उसके घर में आने के लिए कहा। वहां मुझे बंदी बना लिया गया और बंदूक की दम पर अपनी बहन से शादी करने के लिए मजबूर किया। मुझे पीटा तक गया और लड़की से शादी करने के लिए धमकी दी गई। मैंने शादी को स्वीकार नहीं किया और पंडारक पुलिस स्टेशन में शिकायत की।

न्यूज़ २४ की रिपोर्ट के अनुसार विनोद का आरोप है कि पुलिस एफआईआर दर्ज करने की बजाय मुझे 16 घंटे तक थाने में बैठाए रही। उन्होंने मेरे साथ सहयोग नहीं किया। इस पर उन्होंने विभोर न्यायालय की शरण ली। तब जाकर मेरी रिपोर्ट लिखी गई।

इस शादी के खिलाफ विनोद फैमिली कोर्ट पहुंचे। उन्होंने इस शादी को वहां चुनौती दी। इस पर फैमिली कोर्ट ने भी अब मुहर लगा दी है और इसे अवैध करार दिया है। कोर्ट के आदेश के बावजूद विनोद अभी काफी डरे हुए हैं। कहते हैं, 'कोर्ट के इस आदेश से मुझे राहत जरूर मिली है लेकिन वे लोग अभी भी बाहर आजाद घूम रहे हैं। मुझे धमकियां मिल रही हैं। ऐसे में मैं बेहद डरा हुआ हूं।'


विनोद ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस और आरोपियों के बीच कुछ सांठगांठ है। आरोपियों का यह गैंग लड़कों का अपहरण कर उन्हें जबरन शादी के लिए मजबूर करता है। उन्होंने कहा कि पुलिस की मदद के बिना ऐसा करना संभव नहीं।

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