नए भारत में किसी के सरनेम से कोई फर्क नहीं पड़ता: PM मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए एक कार्यक्रम को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने कहा कि नए इंडिया के मूल में व्यक्तिगत आकांक्षाएं, सामूहिक प्रयास और राष्ट्रीय प्रगति के लिए स्वामित्व की भावना है।

न्यू इंडिया सहभागी लोकतंत्र, नागरिक केंद्रित सरकार और सक्रिय नागरिकता का है। भारत अब उन क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है जहां हम शायद ही पहले मौजूद थे। चाहे वह स्टार्टअप हों या खेल आप छोटे शहरों और गांवों के उन साहसी युवाओं के बारे में सुन रहे हैं जिनके बारे में ज्यादातर लोगों को पता नहीं था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने कहा, 'इन युवाओं का परिवार प्रतिषिठ्त या बड़े बैंक बैलेंस वाला नहीं है। उनके पास समर्पण और आकांक्षा है। वे अपनी आकांक्षा को उत्कृष्टता में बदलकर भारत को गौरवान्वित कर रहे हैं। यह नए भारत की विचारधारा है। यह नया भारत है जहां किसी युवा के सरनेम से कोई फर्क नहीं पड़ता।

उनका अपनी क्षमता पर नाम बनाना मायने रखता है। नया भारत कुछ लोगों की नहीं बल्कि हर नागरिक की आवाज है। यह वह भारत है जहां भ्रष्टाचार एक विकल्प नहीं है चाहे कोई भी शख्स क्यों न हो। योग्यता ही आदर्श है।'


Source : upuklive

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