क्या कोई रेल मंत्री तक ग्रुप डी वालों की बात पहुंचा सकता है?

रवीश कुमार 
कल फार्म की प्रक्रिया का आख़िरी दिन है। ग्रुप डी के बहुत से छात्रों का फार्म रिजेक्ट हो गया है। फार्म जिन कारणों से रिजेक्ट हुआ है, उससे ये छात्र संतुष्ट नहीं हैं। कई बार कई जगहों पर आंदोलन किया। कुछ नहीं हुआ। रिजेक्ट होने वाले छात्रों की संख्या किसी मेसेज में 4 लाख बताई जाती है तो किसी मेसेज में 5 लाख से अधिक। हमने कई बार लिखा। बोला। इन्हें राहत नहीं मिली।

ये छात्र आज भी प्रदर्शन करते रहे कि कुछ हो जाए। मगर इनकी किसी ने नहीं सुनी। कल के बाद सारी संभावनाएं समाप्त हो जाएंगी। हमने पहले भी रेल मंत्री को यहां लिखा था। आज फिर लिख रहे हैं कि आप सभी छात्र ग्रुप डी वालों की मदद करें। सभी मिलकर रेल मंत्री से अपील करें कि इन्हें राहत दें।

आप सभी छात्र एक राजनीतिक दल के समर्थक हैं। इसलिए जब भी किसी परीक्षा को लेकर छात्रों को परेशानी हो, दूसरी परीक्षाओं के छात्र भी मदद के लिए आगे आएं और आवाज़ उठाएं। इससे आपकी चुनी हुई सरकार सजग हो जाएगी। अभी आप लोग बहुत ग़लत कर रहे हैं। ग्रुप डी वाले अलग लड़ रहे हैं, एस एस सी सीपीओ वाले अलग लड़ रहे हैं।

सीए की परीक्षा में फेल होने वाले अलग लड़ाई लड़ रहे हैं। सबको एक दूसरे की लड़ाई को अपनी लड़ाई बना लेनी चाहिए। मेरा दावा है कि जब ऐसा होगा तब सरकार मजबूर होगी, परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और ईमानदार बनाना ही होगा। उसी में सभी का हित है। बाकी आपकी जैसी मर्ज़ी।
(लेखक मशहूर पत्रकार व न्यूज़ एंकर हैं)


Source : upuklive

Related News

Leave a Comment