रेप को छोटी मोटी गलती बताने वाला SHO सस्पेंड

राकेश पाण्डेय
बलिया जिले मज मनियर थाना क्षेत्र के एक गांव में दलित नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। घटना के बाद पीड़िता की मां जब थाने गई तो इंस्पेक्टर ने केस दर्ज नहीं किया।

इंस्पेक्टर ने इस घटना को लेकर कहा कि ये नाबालिग बच्चे हैं, इनसे छोटी-मोटी गलतियां होती रहती हैं। इसे अपराध के रूप में न देखा जाए। जब मामला एसपी देवेंद्रनाथ के संज्ञान में आया तो केस दर्ज करवाया गया और एसएचओ सुभाष यादव को सस्पेंड कर दिया है।

मनियर थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग दलित युवती के साथ दुष्कर्म के बाद नाबालिग की मां थाने में तहरीर देने गई तो पुलिस ने सादा कागज पर अंगूठा लिया और कार्रवाई का भरोसा देकर लौटा दिया। इसके बाद एक महीने तक वह थाने का चक्कर लगाती रही। पीड़िता बाद में कोर्ट की शरण में गई।

उसने एसपी को रजिस्ट्री पत्र के माध्यम से मामले की जानकारी दी। एसपी के हस्तक्षेप के बाद थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई।

पीड़िता की मां के अनुसार वह अनुसूचित जाति की है और पति बाहर रहते हैं। वह बच्चों के साथ झोपड़ी में रहती है, उसकी एक बेटी कक्षा नौ की छात्रा है।

आरोप है कि किशोरी के स्कूल जाते समय उसी गांव का एक युवक रास्ते में अभद्र और अश्लील भाषा का प्रयोग करता है। वह शिकायत लेकर उसके पिता के पास गई तो उसने गाली देकर भगा दिया। आरोप है कि 10 सितंबर 2019 को आठ बजे रात को शौच करने गई थी, इसी दौरान उसकी बेटी का मुंह दबाकर एक खेत में युवक ने दुष्कर्म किया। युवक के चंगुल से छूटने के बाद किशोरी चिल्लाई तो वहां मौजूद लोगों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह भागने में सफल हो गया।

 दूसरे दिन युवक के घर शिकायत करने गई तो उसके बड़े भाई और पिता ने मुझे जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली देकर भगा दिया। मैं इसकी सूचना गांव के प्रधान को देने गई तो प्रधान के परिजनों ने भी जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली देकर भगा दिया। पीड़िता की मां ने कहा कि जब वह युवक के खिलाफ मनियर थाने गई तो वहां पुलिस ने सादा कागज पर अंगूठा लगवाकर कार्रवाई का भरोसा देकर घर लौटा दिया।

पीड़िता की मां ने 25 सितंबर को पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र भेजकर पुत्री की मेडिकल कराकर कार्रवाई की गुहार लगाई थी।

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