तो क्या पाकिस्तान कश्मीर की आड़ में भारत पर परमाणु हमला कर देगा?

एसपी मित्तल 
29 सितम्बर को पाकिस्तान के रेलमंत्री शेख रशीद का एक बार फिर जहरीला बयान सामने आया है। इस बार शेख रशीद ने खुदा की कसम खाकर कहा है कि वे गन और गोलियों के साथ सरहद पाकर कश्मीर के लाल चौक में पहुंच कर खून खराबा करेंगे। हालांकि शेख रशीद पहले भी ऐसे बयान दे चुके हैं, लेकिन इस बार खुदा की कसम खाई है, इसलिए बयान को गंभीरता से लिया जा रहा है। सच्चा मुसलमान खुदा की कसम तभी खाता है, जब उसे अपने कथन पर अमल करना होता है।

लेकिन सवाल उठता है कि जब शेख रशीद सरहद पार करेंगे तो क्या भारतीय सुरक्षा बल शेख रशीद को अपने वाहन में बैठाकर श्रीनगर के लाल चौक ले जाएंगे, ताकि शेख रशीद खून खराब कर सकेें? सब जानते हैं कि शेख रशीद गन और गोलियां लेकर सरहद पार करेंगे तो भारतीय सुरक्षा बल शेख रशीद को जहन्नूम में पहुंचा देंगे। शेख रशीद कितने डरपोक है यह पाकिस्तान के लोगों ने तब देखा था, जब पिछले दिनों एक सभा में बोलते हुए शेख रशीद के माइक में करंट आ गया था।

परमाणु हमले की धमकी तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी यूएन की सभा में दे चुके हैं। इमरान खान भी समझते हैं कि परमाणु हमला करना आसान नहीं है। इस तरह के जहरीले बयान देकर इमरान और शेख रशीद जैसे राजनेता पाकिस्तान की जनता को बेवकूफ बना रहे हैं। असल में जब इमरान खान को अपने देश में तख्ता पलट का डर हो गया है। सेना कभी भी इमरान को हटा सत्ता पर कब्जा कर सकती है। पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष कमर बाजवा लगातार राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं।

भारत भी तैयार
यदि पाकिस्तान की ओर से हमले की कोई पहल की जाती है तो मुंह तोड़ जवाब देने के लिए भारत भी तैयार है। असल में पाकिस्तान भी यह समझता है कि भारत पहले ही पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक कर चुका है। इस एयर स्ट्राइक के बारे में पाकिस्तान को पता ही नहीं चला। यानि भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान पाकिस्तान की सीमा में घुस कर बमबारी करने के बाद सुरक्षित लौट आए। जब हमारी वायु सेना इतना सशक्त है तो फिर पाकिस्तान के किसी भी हमले का जवाब दिया जा सकता है।

भारत की रणनीति सिर्फ पाकिस्तान का मुकाबला करने की ही नहीं बल्कि एक साथ चीन को भी जवाब देने की स्थिति में है। भारत को इस बात अंदाजा है कि यदि पाकिस्तान हमला करता है तो चीन से लगी सीमाओं पर तनाव हो जाएगा। ऐसे में भारत चीन और पाकिस्तान दोनों से मुकाबला करने की रणनीति बना चुका है।

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद अब जम्मू कश्मीर पर पूरी तरह केन्द्र सरकार का नियंत्रण हो गया है। ऐसे में सीमा पर कोई बड़ी कार्यवाही करने के लिए कोई अड़चन नहीं है। यही वजह है कि आतंकवादियों को भी करारा जवाब दिया जा रहा है। 28 सितम्बर को ही घाटी में 6 आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया गया।
(ये लेखक के निजी विचार हैं)

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