अब कहेंगे तीन तलाक तो सीधे जाएंगे जेल, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

राज्यसभा से पास होने के बाद अब एक साथ तीन तलाक बिल पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के भी हस्ताक्षर हो चुके हैं। अब तीन तलाक बिल पूरी तरह से कानून का रूप धारण कर चुका है।

बता दें कि मंगलवार को राज्यसभा से तीन तलाक बिल पास कर दिया गया था जिसके बाद उसे राष्ट्रपति के पास भेजा गया था। इस मंजूरी के साथ ही देश में तीन तलाक कानून 19 सितबंर, 2018 से लागू हो गया।

एक लंबे समय के बाद तीन तलाक बिल दोनों सदनों से पास हो गया। लोकसभा में तो यह पहले भी पास हो चुका था लेकिन राज्यसभा से इस बिल पर अड़ंगा लगा दिया जाता था। इस बार भी कुछ विपक्षी दलों ने विरोध जताया था लेकिन इस बार बिल के हक में कई मत पड़े। राज्यसभा में इस बिल के पक्ष में 99 वोट पड़े वहीं इसके विपक्ष में 84 वोट पड़े।

इस पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग महिला सशक्तिकरण के लिए बोलते थे, उन्होंने यह विधेयक जो महिलाओं की गरिमा का प्रतीक है लोकसभा और राज्यसभा में बिल का विरोध किया।

राज्य में कांग्रेस और उनके सहयोगियों, सपा और बसपा का पर्दाफाश हो गया है। 24 जुलाई को लोकसभा में ट्रिपल तलाक बिल ध्वनिमत से पास हो गया था।

सदन में बिल के पक्ष में 303 वोट पड़े थे । कांग्रेस, TMC, BSP और JDU ने इस बिल के विरोध में सदन से वॉकआउट किया था। लोककसभा में गुरूवार को ट्रिपल तलाक बिल सरकार द्वारा पेश किया गया।इस बिल पर चर्चा करते हुए कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा था कि यह विधेयक लैंगिक समानता और न्याय के लिए जरूरी है।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि तीन तलाक से पीड़ित मुस्लिम बहनों ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी। इसके बाद कोर्ट ने फैसला देते हुए तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया था। कानून मंत्री ने कहा था कि 24 जुलाई 2019 तक ट्रीपल तलाक के 345 मामलें आ चुके हैं।

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