UP, बिहार और असम में बाढ़ का कहर जारी, 50 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

देश के अधिकतर हिस्सों में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ से हालात बेकाबू हो गए हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार और असम में 33 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं। उत्तर प्रदेश में कई जिलों में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।
असम के 33 में से 25 जिलों में बाढ़ की वजह से करीब 15 लाख लोग प्रभावित हैं। बिहार में 19 लोगों की मौत हो गई है जबकि 18 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन की वजह से अब तक 50 लोगों की मौत हो गई है जबकि 24 से ज्यादा लोग लापता हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को उच्चस्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें अधिकारियों को बाढ़ से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश देने के साथ ही सभी जिलों में राहत और बचाव कार्य चलाने को भी कहा गया है। बैठक में जल संसाधन मंत्री संजय झा, मुख्य सचिव दीपक कुमार विकास आयुक्त सुभाष शर्मा व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इस बीच, मौसम विभाग ने अगले चार दिनों में कई जगहों पर तूफान की चेतावनी जारी की है। 
बाढ़ ने दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, मोतिहारी और शिवहर, सुपौल, मुजफ्फरपुर में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। अररिया में दो, शिवहर और किशनगंज जिले में एक-एक मौत हुई है। सीतामढ़ी जिले में 11 लाख, जबकि अररिया में 5 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 12 टीमों को बचाव और राहत कार्यों में लगाया गया है। 
सुपौल जिले में कोसी नदी का जलस्तर बढऩे से लगभग 50 हजार लोग प्रभावित हो चुके हैं। मुजफ्फरपुर के औराई में एक दर्जन से अधिक गांव मे बाढ़ का पानी घुस गया है, जिसके बाद लोगों को ऊंची जगह पर शरण लेनी पड़ी है। यहां आपदा प्रबंधन की टीमें लोगों को राहत पहुंचाने के काम में जुटी हुई हैं। छह जिलों में लोगों का खाना मुहैया कराने के लिए 16 से ज्यादा सामुदायिक रसोई घरों बनाए गए हैं।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ से प्रभावित पांच जिलों का हवाई दौरा किया। नीतीश ने दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, मोतिहारी और शिवहर में हालातों का जायजा लिया और अधिकारियों को बचाव व राहत कार्यों का दायरा बढ़ाने का निर्देश दिया।
असम में रविवार को बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 पहुंच गई, जबकि राज्य के 28 जिलों में करीब 26.5 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, जोरहाट, बाड़पेट और धुबरी जिले में रविवार को चार लोगों की मौत हो गई।
बाड़पेट में सबसे ज्यादा 7.35 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों और ज्यादा बारिश की आशंका जताई है, जिससे ब्रह्मपुत्र नदी के जलस्तर में और इजाफा होगा। इससे हालात और बिगड़ेंगे।
नेपाल में चार दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण आई बाढ़  व भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 65 पहुंच गई है, जिनमें 24 महिला और 36 पुरुष हैं। नेपाल पुलिस के अनुसार 38 लोग घायल हुए हैं और 26 लापता हैं। घायलों का संबंधित जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
खबर के अनुसार, बाढ़ पूर्वानुमान सेक्शन (एफएफएस) ने बताया कि मानसून सक्रिये है और देशभर में ज्यादातर स्थानों पर दो से तीन दिनों तक बारिश जारी रहेगी। मूसलाधार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। बागमती, कमला, सप्तकोशी और उसकी सहायक नदी सूर्यकोशी में पानी खतरे के निशान को पार कर गया है। इस बीच, मौसम विशेषज्ञों ने इतने कम समय में भारी बारिश की वजह जलवायु परिवर्तन को बताया। 

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